रावण के पुतले तो हर साल जलते हैं,
काश! इस बार मन के भीतर छिपे अहंकार भी जल जाएँ।
बुराई पर अच्छाई की जीत का यह पर्व,
हमारे भीतर के क्रोध को करुणा में,
नफ़रत को प्रेम में,
और अहंकार को विनम्रता में बदल जाए।
इस दशहरे पर केवल रावण का दहन नहीं,
बल्कि उन विचारों का भी अंत हो,
जो इंसान को इंसान से दूर करते हैं।
🌸 आपके जीवन में सत्य की विजय हो,
हर कदम पर धर्म का साथ हो,
और आपके हृदय में सदा प्रेम, शांति और सद्भाव का वास हो।
🙏 विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🙏
🏹 बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली हो, अंत में जीत सदैव अच्छाई की ही होती है। 🌺









